राजस्थान के 8 एयरबेस से एकसाथ उड़ेंगे 125 फाइटर जेट
राफेल–सुखोई दुश्मन के ठिकानों पर बरसाएंगे बम, वायुशक्ति-2026 में PM के आने की संभावना
जैसलमेर/पोकरण:
भारतीय वायुसेना वर्ष 2026 में अपनी अब तक की सबसे बड़ी और शक्तिशाली युद्धाभ्यास श्रृंखला ‘वायुशक्ति-2026’ का आयोजन करने जा रही है। इस मेगा एयर एक्सरसाइज के तहत राजस्थान के 8 एयरबेस से एक साथ 125 से अधिक फाइटर जेट उड़ान भरेंगे।
इस अभ्यास में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 समेत अन्य अत्याधुनिक लड़ाकू विमान शामिल होंगे, जो दुश्मन के ठिकानों पर सटीक बमबारी और एयर स्ट्राइक का अभ्यास करेंगे।
वायुशक्ति-2026: क्या है यह महाभ्यास?
‘वायुशक्ति’ भारतीय वायुसेना का सर्वोच्च फायर पावर प्रदर्शन अभ्यास है, जिसमें वायुसेना अपनी युद्धक क्षमता, सटीकता और तकनीकी श्रेष्ठता का प्रदर्शन करती है। यह अभ्यास पोकरण फायरिंग रेंज में आयोजित किया जाता है।
वायुशक्ति-2026 को लेकर सुरक्षा एजेंसियां और वायुसेना पहले से ही व्यापक तैयारियों में जुटी हुई हैं।
एकसाथ ऑपरेशन: 8 एयरबेस से टेकऑफ
इस बार अभ्यास की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि राजस्थान स्थित 8 अलग-अलग एयरबेस से फाइटर जेट एक साथ उड़ान भरेंगे और समन्वित तरीके से मिशन को अंजाम देंगे।
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| कुल फाइटर जेट | 125 से अधिक |
| मुख्य विमान | राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 |
| एयरबेस | राजस्थान के 8 एयरबेस |
| अभ्यास स्थल | पोकरण फायरिंग रेंज |
| उद्देश्य | युद्धक क्षमता और सटीक स्ट्राइक का प्रदर्शन |
राफेल और सुखोई दिखाएंगे असली ताकत
अभ्यास के दौरान राफेल विमान अपनी अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली और सटीक बमबारी क्षमता का प्रदर्शन करेगा, जबकि सुखोई-30 एमकेआई लंबी दूरी के हमले और एयर डोमिनेंस मिशन को अंजाम देगा।
इस दौरान हवा से जमीन और हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का भी परीक्षण किया जाएगा।
प्रधानमंत्री के आने की संभावना
सूत्रों के अनुसार, वायुशक्ति-2026 के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी इस महाभ्यास को देखने के लिए पोकरण आने की संभावना है। इससे पहले भी प्रधानमंत्री वायुशक्ति अभ्यास में शामिल होकर वायुसेना के शौर्य को नमन कर चुके हैं।
प्रधानमंत्री की संभावित यात्रा को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
रणनीतिक संदेश और राष्ट्रीय सुरक्षा
यह महाभ्यास न केवल प्रशिक्षण का हिस्सा है, बल्कि यह भारत की हवाई सैन्य ताकत और रणनीतिक क्षमता का स्पष्ट संदेश भी देता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वायुशक्ति-2026 भारत की त्वरित जवाबी कार्रवाई और मल्टी-एयरबेस ऑपरेशन क्षमता को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करेगा।
निष्कर्ष
राजस्थान के 8 एयरबेस से एक साथ 125 फाइटर जेट की उड़ान भारतीय वायुसेना के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने जा रही है। वायुशक्ति-2026 न केवल सैन्य अभ्यास होगा, बल्कि भारत की वायु शक्ति का विराट प्रदर्शन भी साबित होगा।
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