जैसलमेर में आज मावठ की आशंका, कड़ाके की ठंड पर लगा ब्रेक
रात के तापमान में 3 डिग्री का उछाल, बादलों की आवाजाही तेज
जैसलमेर:
पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर जिले में आज मावठ (हल्की बारिश) की संभावना जताई गई है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है, जिससे बीते दिनों की कड़ाके की ठंड पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।
मौसम विभाग के अनुसार बीती रात न्यूनतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली है।
क्या है मावठ और क्यों होती है?
मावठ पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से होने वाली सर्दियों की हल्की से मध्यम बारिश को कहा जाता है। यह बारिश आमतौर पर जनवरी–फरवरी में होती है और रबी फसलों के लिए लाभकारी मानी जाती है।
इस बार भी उत्तर-पश्चिम भारत में सक्रिय मौसम तंत्र के कारण जैसलमेर और आसपास के इलाकों में बादल छाए हुए हैं।
तापमान में बदलाव का पूरा ब्योरा
बादलों की मौजूदगी के कारण रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि दिन के तापमान में अभी कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
| मौसम तत्व | पिछले दिन | आज की स्थिति |
|---|---|---|
| न्यूनतम तापमान | करीब 6°C | करीब 9°C |
| अधिकतम तापमान | सामान्य | लगभग स्थिर |
| ठंड का असर | तेज | कम हुआ |
कड़ाके की ठंड पर क्यों लगा ब्रेक?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बादलों की मोटी परत रात के समय धरती की ऊष्मा को बाहर जाने से रोकती है। इसी कारण न्यूनतम तापमान में वृद्धि होती है और ठंड का असर कम महसूस होता है।
यदि मावठ होती है, तो अगले 24 घंटों में दिन के तापमान में भी हल्की गिरावट आ सकती है।
किसानों के लिए क्या है असर?
जैसलमेर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में यदि हल्की मावठ होती है, तो यह सरसों, चना और गेहूं जैसी रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है।
- मिट्टी में नमी बढ़ेगी
- सिंचाई की आवश्यकता कम होगी
- फसलों की बढ़वार में सुधार होगा
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों को सुबह-शाम हल्की ठंड को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। वहीं किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने को कहा गया है।
निष्कर्ष
जैसलमेर में आज मावठ की संभावना के चलते मौसम में बदलाव साफ नजर आ रहा है। जहां एक ओर कड़ाके की ठंड से राहत मिली है, वहीं हल्की बारिश से किसानों को लाभ की उम्मीद है। आने वाले 24 घंटे मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।
— NewsExcel Media | Weather Update

