जैसलमेर में जमी बर्फ की चादर, जीरा–सरसों की फसल पर संकट
कड़ाके की ठंड से खेतों में फ्रॉस्ट, अगले सप्ताह मौसम साफ रहने का अनुमान
जैसलमेर:
रेगिस्तानी जिले जैसलमेर में कड़ाके की ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। जिले के कई ग्रामीण इलाकों में खेतों पर बर्फ (फ्रॉस्ट) की चादर जम गई, जिससे जीरा और सरसों की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
सुबह के समय खेतों में सफेद परत जमी दिखाई दी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
किन क्षेत्रों में दिखा सबसे ज्यादा असर?
जानकारी के अनुसार जैसलमेर जिले के रामगढ़, मोहनगढ़, चांधन, लाठी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिला।
इन इलाकों में रात के तापमान में तेज गिरावट के कारण खेतों की ऊपरी सतह पर फ्रॉस्ट जम गया, जिसने फसलों को प्रभावित किया।
जीरा और सरसों की फसल क्यों हुई प्रभावित?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार जीरा और सरसों दोनों ही फसलें ठंड के प्रति अत्यंत संवेदनशील होती हैं। जब तापमान शून्य के आसपास पहुंच जाता है, तब फसलों की पत्तियों और फलियों पर जमी बर्फ कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है।
- सरसों में दाने सिकुड़ने का खतरा
- जीरा फसल की बढ़वार रुकने की आशंका
- उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर
किसानों की चिंता बढ़ी
ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि यदि ठंड का यह असर कुछ दिन और जारी रहा तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। कई किसानों ने बताया कि खेतों में सुबह-सुबह बर्फ की मोटी परत देखी गई, जिससे फसल झुक गई।
किसानों को इस बात की चिंता सता रही है कि मेहनत और लागत के बावजूद उपज प्रभावित हो सकती है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल रात के तापमान में गिरावट बनी हुई है, लेकिन अगले सप्ताह से मौसम साफ रहने का अनुमान है।
विभाग का कहना है कि बादलों की कमी और धूप निकलने से फ्रॉस्ट का असर धीरे-धीरे कम हो सकता है, जिससे किसानों को कुछ राहत मिल सकती है।
| मौसम स्थिति | अनुमान |
|---|---|
| रात का तापमान | कम बना रहेगा |
| दिन का मौसम | धीरे-धीरे साफ |
| फ्रॉस्ट की आशंका | अगले कुछ दिन |
| अगले सप्ताह | मौसम में सुधार |
कृषि विशेषज्ञों की सलाह
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि यदि संभव हो तो:
- हल्की सिंचाई कर मिट्टी में नमी बनाए रखें
- फसलों की नियमित निगरानी करें
- आने वाले दिनों के मौसम अपडेट पर नजर रखें
इन उपायों से फ्रॉस्ट से होने वाले नुकसान को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
निष्कर्ष
जैसलमेर में जमी बर्फ की चादर ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रेगिस्तानी इलाकों में भी ठंड किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। जीरा और सरसों की फसल पर संकट जरूर है, लेकिन अगले सप्ताह मौसम साफ रहने की संभावना से किसानों को राहत की उम्मीद बनी हुई है।
— NewsExcel Media | Agriculture & Weather Desk

